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Many of life’s failures are people who did not realize how close they were to success when they gave up

सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार,  मेरा नाम सोनू नीलोफर है| मैं JET  Junior Officer के पद पर कार्य करता हूं| कुछ समय पहले मेरी जिंदगी संघर्ष से भरी हुई थी| मैं आपको मेरी सक्सेस स्टोरी नहीं बता रहा मैं तो सिर्फ आपसे, बस यही शेयर कर रहा हूं की इस परीक्षा के दौरान मेरी यात्रा किस तरह रही|

मैंने B Tech क्या हुआ है 2014 के  BECH SE में पास आउट हूं| और उसके बाद मैंने JET  Junior Officer  परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी लगभग 3 सालों तक मैं इस परीक्षा की तैयारी करता रहा परीक्षा की तैयारी के दौरान ,मेरे घरवाले मुझसे यही बोलते रहे कि तुम कहीं छोटी मोटी जॉब कर लो पर मैंने नहीं की क्योंकि  जॉब के दौरान पढ़ाई नहीं हो पाती| और जो भी बड़े अंकल या फिर बड़ी आंटी मेरे घर आती वह मेरे माता-पिता से यही पूछती कि आपका बेटा क्या कर रहा है वह बोलते कि वह भी पढ़ रहा है और वह अंकल आंटी मेरे पापा और मम्मी से यही बोलते कि अब तो उससे जॉब करवा लो| और मेरे माता पिता मुझसे बोलते थे बार बार|

मेरे ऊपर मेरे घर वालों का काफी प्रेशर था | परंतु मेरी मां मेरे साथ थी उन्होंने मुझे, हर समय प्रेरित किया और आत्मविश्वास दिया कि तुम यह कर सकते हो| और उन्हें मेरे ऊपर पूरी तरह विश्वास था कि मैं इस परीक्षा में पास हो जाऊंगा आज उन्हीं की बदौलत में इस मुकाम तक पहुंचा हूं| और मैं अपने आप से भी प्रेरित होता था अपने आप से मैं हर पल बस यही कहता रहता था कि मैं कर लूंगा मुझे अपने आप पर विश्वास था| मैं हर दिन अपने आपको देखता कि आज मैंने क्या गलती की है और वही गलती कल मुझे नहीं दोहरानी है|  मैं रोज की तरह सुबह उठता और सोचता कि आज के दिन मुझे कुछ ऐसा करना है कि जिससे इतिहास बदल जाए, और मैं अपने लक्ष्य को पाने की दौड़ में लग जाता| और मैं रात को जब सोता तो एक डायरी में लिखा कि आज मैंने क्या गलती की है और उस गलती को कल नहीं दोहराना|

पूरे 1 साल तक मैंने यही किया,  और इसी दौरान मैंने कई सारी परीक्षाएं दे डाली 1 साल के बाद मुझे लग रहा था कि मैं इस परीक्षा को निकाल सकता हूं| मैंने कई सारी परीक्षाएं दी कई सारे मॉक टेस्ट दिए YouTube से पढ़ाई की,  कभी मैं एक नंबर से रह जाता तो कभी मैं 0.25 रह जाता, कभी मैं मेन एग्जाम में रह जाता तो कभी मैं, इंटरव्यू में रह जाता, इस तरह बार-बार असफलताओं का सिलसिला मेरे साथ 3 सालों तक चलता रहा पर मैंने हार नहीं मानी| क्योंकि मुझे अपने आप पर विश्वास था कि मैं इस परीक्षा को पास कर दूंगा और ठीक हुआ भी यही वह दिन आ ही गया. साल 2017 अप्रैल का महीना उस समय JET  Junior Officer  का रिजल्ट आ ही चुका था| मेरे दोस्तों ने मुझे बताया कि सोनू तू पास हो गया है| बस फिर क्या था इस एग्जाम में पास हो चुका था मेरे संघर्ष की जीत हो चुकी थी|

Success is not final, failure is not fatal; it is the courage to continue that counts.

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