TSSE (Teaching Staff Selection Exam) Success Story by Sanjay Choudhary


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Hello Dosto…

Name  : संजय चौधरी

From   : नवेली,  तमिलनाडु

10th : 2007

12th : 2009

B.E : 2014 पास किया

दोस्तों मैं आज अपने आपको बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं| कि मैं आप सभी को  अपनी असफलताओं के बारे में बताने वाला हूं किस्सा हा मैने असफलताओं से लड़कर सफलता की ओर कदम बढ़ाया| दोस्तों मेरी कहानी इस तरह  शुरू होती है| मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूं| मैंने ग्रेजुएशन के तौर पर ba किया हुआ है| जैसे ही मेरी ग्रेजुएशन कंप्लीट हुई उस वक्त मुझे नहीं पता था कि मुझे क्या करना है| तब मैंने अपने भविष्य के लिए  कंपटीशन एग्जाम को चुना| करीब में 5 सालों तक तैयारी करता रहा इस दौरान मैंने 40 से भी ऊपर परीक्षाएं दे डाली|दोस्तों मैंने हार नहीं मानी और मैं परीक्षाएं देता गया इस दौरान मैंने कई सारे इंस्टिट्यूट ज्वाइन किए और वहां पढ़ाई की| मैंने अपनी तैयारी एक टाइम टेबल बनाकर की| इस दौरान में सभी विषयों को अलग-अलग टाइम देता था| इस तरह से मैंने अपनी परीक्षा की तैयारियां की , मैंने अपने करियर की शुरुआत में अपना पहला कॉन्पिटिशन एग्जाम SSC CGL दिया था और अंत TSSE  एग्जाम के साथ हुआ अंत में मैंने इस परीक्षा को  पास कर लिया| जब दोस्तों मैंने 40WI परीक्षा के फॉर्म भरते समय मेरी आंखों से आंसू आ गए क्या मैं इतना बेकार हूं कि मैं एक परीक्षा भी पार नहीं कर सकता| क्या मैं इतना गया-बीता हूं कि कुछ चंद सवालों को सही नहीं कर सकता, क्या मैं अपने आपको उन्हीं लोगों के बीच पाऊंगा  जिनको लोग दिखाते हैं की इनके जैसे कभी मत बनना, जब मैं इन विचारों में खोया हुआ था तो उस समय मुझे एहसास हुआ मैं क्यों अपने आप को इतना असहज और बेसहारा महसूस कर रहा हूं| मैं दूसरों की वजह से इन सारी परीक्षाओं को देता गया और मैंने अपनी इच्छाओं को कभी समझने की कोशिश ही नहीं की तब उस समय मेरे अंदर से एक आवाज आई कि मुझे कैसे भी करके लोगों की मदद करना है |और अपने ज्ञान को दूसरे लोगों  तक पहुंचाना था मैंने तो कभी अफसर बनने का सोचा ही नहीं था तो फिर यह परीक्षा मैंने आखिर क्यों दिए थे| मुझे यह सब एहसास कराने वाला TSSE  का फॉर्म था| मेरे अंदर की आवाज उसे बार-बार यही कह रही थी कि तू TSSE  परीक्षा के लिए ही बना है| बस दोस्तों फिर क्या था मैंने जैसे ही TSSE  परीक्षा दी और मैं पास हो गया|

“संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है! फिर चाहे वो कितना भी कमजोर क्यो न हो.”

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